हाँ,
वह
लड़की ही है
जो
आती तो है इस जहाँ में
बड़े
ही जद्दोजहद में
या
यूँ कहें कि जबरन उसे
क्यों
लाया जाता है
किन्तु
परवरिस में उसके
होते
है क्यों लाचार
दो-अंखी
सा व्यवहार
क्यों
किया जाता है
बेटा
और बेटी को
तराजु
के दो पलड़ों
सा
एक सामान
क्यों
नहीं किया जाता है
उसे
हमेशा दबाया जाता है
ये
मत कर, वो मत कर
यहाँ
मत आ, वहाँ मत जा
ये
क्यों बताया जाता है
घर
से पाँव जब बाहर निकलते है
तो
नजरें नीचे कर के
आया
जाया कर
यह
क्यों सिखाया जाता है
अनहोनी
भी हो गयी उसके संग
आँख,
मुँह
बंद कर
आवाज
को दबाकर वास्ता समाज
का
क्यों दिखाया जाता है
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